ये लम्हा जी लेने दो
लगभग इन पंक्तियों को चरितार्थ कर रहे है मेरे बच्चे। बच्चों का प्यार बहुत अनमोल बेशकीमती होता है,बच्चे जब किसी से प्यार करते है तो अपना सब कुछ भूल जाते है,यही कुछ हुआ प्राथमिक विद्यालय उमरेहंडा में विद्यालय में पांच वर्ष पहले सहायक अध्यापक के रूप में आए आकिब जावेद ने कभी सोचा ही नहीं था की बच्चे उनसे इतनी मुहब्बत करते है।अपने काम में लगे रहते एवं बच्चों को अपने बच्चो की तरह प्यार करना उनका धर्म है,खेल -खेल में पढ़ाई,गीत कविता से बच्चो को रूबरू करवाना इन्ही सब के माध्यम से बच्चो के दिल में अपना विशेष स्थान बनाने में कामयाब रहे शिक्षक।बच्चो ने कई दिनों पूर्व से शिक्षक को सरप्राइज़ करने की योजना बना रखी थी।इसी क्रम में 6 फरवरी को बच्चों द्वारा शिक्षक का जन्म दिन विद्यालय में बनाया गया।जिसमे समुदाय की सहभागिता भी विशेष सराहनीय रही।शिक्षक द्वारा बच्चो को उपहार एवं मिठाई का वितरण किया गया।धन्यवाद
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