• Apr 6, 2025

आज की शायरी २४.०१.२०२३

२४.०१.२०२३

सदा  मुस्कान  हो  लब  पे  तिरे  दामन  में  खुशियां  हो,
मिरी   बेटी    तुझे     हरपल    दुआएं    बाप    देता  है।

سدا مسکان ہو لب پے  تیرے  دامن میں خوشیاں ہوں،
میری  بیٹی   تجھے   ہر پل   دعائیں   باپ    دیتا   ہے،

आकिब जावेद ▪️ عاقب جاوید

 

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