• Apr 4, 2025

बाल कविता - दिनों के नाम

अगड़म बगड़म   
बोलो सब
कितने दिन होते 
बोलो अब।

देखों सबको 
सैर कराते है,
तुम सबको 
दिन बताते है।

स(S) से होता सन
सन से बनता संडे
सब मिलकर 
बोलो संडे,
संडे मतलब रविवार
सन्डे को करते 
मज़ा खूब।

म(M) से होता मन
मन से बनता मंडे
मंडे मतलब सोमवार
होता स्कूल का 
पहला दिन।

टी(T) से होता तू
तू से बनता ट्यूसडे
ट्यूसडे मतलब मंगलवार
रामू ने पूछा श्यामू से
स्कूल क्यों नही गया हैं तू?

डब्लू(W)से होता वे
वे से बनता वेडनसडे
वेडनसडे मतलब बुधवार
टीचर बोले राधा से
क्यों पड़ता नही हैं वे?

एक और देखो आया टी
इस टी(Th)में लगा है एच(H)
Th से होता 
जाता थर
थर से देखो बना थर्सडे
थर्सडे मतलब गुरूवार
शेर से डर कर 
थर्राते सब।

एफ़(F) से होता फ्राई
फ्राई से बनता फ्राइडे
फ्राइडे मतलब शुक्रवार
दाल को सब 
करलो फ्राई।

एक और आया एस(S)
इस एस(S) का बोलो
क्या है काम?
ये देता क्यों नही आराम?
बताओ सब 
इसका नाम?

इस एस(S) से होता सर
सर से बनता सैटरडे
सैटरडे मतलब शनिवार
रामू का सर 
दर्द दे रहा है अब।

अब बोलों होते कितने वार?
सब मिलकर बोलो सात वार
साथ यार सात वार सात वार।।

-आकिब जावेद

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