आज की शायरी #shair

कहाँ कोई ख़ज़ाना चाहता हूँ,
ज़रा सा मुस्कुराना चाहता हूँ।

मुझे  मौजे  उछाले  जा रही है,
मैं कब से डूब जाना चाहता हूँ।

-अनाम

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