कहाँ कोई ख़ज़ाना चाहता हूँ,
ज़रा सा मुस्कुराना चाहता हूँ।

मुझे  मौजे  उछाले  जा रही है,
मैं कब से डूब जाना चाहता हूँ।

-अनाम