• Apr 6, 2025

ख्वाबों के दरम्यां का विद्यालय में किया गया विमोचन

दोस्तों आज विद्यालय परिवार के द्वारा मेरी किताब *ख्वाबों के दरम्यां* को अमेजॉन से पुस्तकालय हेतु ऑनलाइन मंगवाया गया। आज बच्चों के समक्ष पुस्तक का विमोचन किया गया। अपने सर की किताब को अपने सामने देख कर बच्चे बहुत खुश लग रहे थे एवं बच्चों के मन में भी पढ़ने और आगे बढ़ने का उत्साह साफ दिख रहा था। विद्यालय परिवार के द्वारा बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया।बच्चों के अंदर पढ़ने एवं कार्य करने की क्षमता को विकसित करने हेतु प्रधानाध्यापक श्री जयनारायण गुप्ता,श्री संजय कुमार गुप्ता , श्री कामदीन प्रजापति जी के द्वारा पुस्तक *ख्वाबों के दरम्यां* के बारे में बच्चों को अवगत कराया गया। पुस्तक के लेखक *आकिब जावेद* द्वारा बच्चों को अपने संघर्ष और आगे बढ़ने की कहानी सुनाई गई जिससे बच्चों को प्रेरित भी किया गया।पुस्तक की भूमिका सुप्रसिद्ध ग़ज़लकार /ग़ज़ल के उस्ताद श्री विजय स्वर्णकार साहब जी द्वारा लिखी गई है,गुरु की महिमा, मां की ममता, गरीबों एवं अपने आसपास घटित घटनाओं के विषय में ग़ज़ल में बताया गया है ये सब बच्चों के समक्ष जयनारायण जी द्वारा बताया गया । श्री संजय कुमार गुप्ता जी द्वारा ख्वाबों के दरम्यां से एक ग़ज़ल को भी गुनगुनाया गया। पुस्तक को विद्यालय की पुस्तकालय में सभी के पढ़ने हेतु रख दी गई है।आप सभी पुस्तक को ऑनलाइन उपरोक्त लिंक के माध्यम से मंगवा सकते है।धन्यवाद 👇

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