पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व श्री अटल बिहारी बाजपेई जी की जयंती पे श्रद्धासुमन अर्पित करती शानदार कविता

ज़िन्दगी जीने में वो सफल रहे।
काल की गोद में ही पलते रहे।
अटल तुम अटल थे अटल रहे।

मृत्यु भी ना कुछ बिगाड़ सकी।
सामने काल देख वो हँसते रहे।
अटल तुम अटल थे अटल रहे।

वो सरस मन कवि ह्रदय रहा।
देश को कभी न झुकने दिया।

देश के दिल में सदा बसते रहे।
अटल तुम अटल थे अटल रहे।

देश को शक्तिशाली दिया बना।
पोखरण से देश का नाम हुआ।
दुश्मन भी यूं थर-थर काँप उठे।
अटल तुम अटल थे अटल रहे।

काल को तुमने ही थाम लिया।
ध्वजा को तुमने न झुकने दिया।
अटल तुम अटल थे अटल रहे।

शीर्ष में रहके न विचलित हुआ।
जन-जन के मन को भी  छुआ।
राह में तेरी यूंपलके बिछती रहे।
अटल तुम अटल थे अटल रहे।

-आकिब जावेद


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8 टिप्पणियाँ

  1. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर रविवार 26 दिसंबर 2021 को लिंक की जाएगी ....

    http://halchalwith5links.blogspot.in
    पर आप सादर आमंत्रित हैं, ज़रूर आइएगा... धन्यवाद!

    !

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  2. बेहतरीन रचना।
    अटल जी को शत शत नमन।

    New post - मगर...

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  3. अटलजी के लिए बेहद सुंदर
    पंक्तियां
    "शीर्ष में रहके न विचलित हुआ।
    जन-जन के मन को भी छुआ।
    राह में तेरी यूंपलके बिछती रहे।
    अटल तुम अटल थे अटल रहे"

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