सफर के लिए हम निकलते रहेंगे
दुआ माँ की लेकर यूँ बढ़ते रहेंगे
अन्जुमन में है चाहने वाले मेरे
यहाँ सबसे मोहब्बत करते रहेंगे
बदल कर कभी हर्फ़ तुमको पढेंगे
नए ज़ाविये से हम लिखते रहेंगे
जलेगी मुहब्बत शमा की हमेशा
चेराग ए मुहब्बत यूँ जलते रहेंगे
रफ़ू कर ले तू भी ग़मो को यूं 'आकिब'
मुहब्बत से घर अपने पलते रहेंगे
✍️आकिब जावेद
बाँदा,उत्तर प्रदेश
5 टिप्पणियाँ
आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" सोमवार 01 नवम्बर 2021 को साझा की गयी है....
जवाब देंहटाएंपाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!
बहुत शुक्रिया आपका
हटाएंजलेगी मुहब्बत शमा की हमेशा
जवाब देंहटाएंचेराग ए मुहब्बत यूँ जलते रहेंगे
–सारे शेर सुन्दर यह शेर अति सुन्दर
बहुत बहुत शुक्रिया आपका,आपके इस मुहब्ब्त ओ हौसलाअफजाई के लिए ममनून हूँ
हटाएंGood
जवाब देंहटाएंआपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद।
“आवाज़ सुखन ए अदब” परिवार में आपका स्वागत और सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है।
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