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जीना मरना है इसी मिट्टी पे ही सबकों
मज़हब सबका जो हो है यूँ प्यार वतन से
"सपने वो नहीं जो नींद में देंखें,सपने वो हैं जो आपको नींद न आने दें - ए० पी०जे०अब्दुल कलाम "
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