सावित्रीबाई फुले जयंती विशेष
शिक्षा खड़ी करती है
एक छोर से दूसरे छोर तक,
अंत्योदय से उदय तक।
सावित्रीबाई ने जलायी
बालिका शिक्षा की क्रांति,
महिलाओं को उठाया
अपमान से सम्मान की दहलीज तक।
आकिब जावेद
#सावित्री_बाई_जयंती
"सपने वो नहीं जो नींद में देंखें,सपने वो हैं जो आपको नींद न आने दें - ए० पी०जे०अब्दुल कलाम "
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6 टिप्पणियाँ
आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर रविवार 4 जनवरी 2026 को लिंक की जाएगी है....
जवाब देंहटाएंhttp://halchalwith5links.blogspot.in पर आप सादर आमंत्रित हैं, ज़रूर आइएगा... धन्यवाद!
!
बहुत शुक्रिया आपका
हटाएंनववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें
जवाब देंहटाएंआपको भी आदरणीय सर नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
हटाएंये पंक्तियाँ सावित्रीबाई फुले की ताकत को बहुत सादगी से दिखाती हैं। आप शिक्षा को सिर्फ किताबों तक नहीं बाँधते, बल्कि जीवन के हर छोर से जोड़ देते हैं। मुझे अच्छा लगा कि आप अंत्योदय से उदय तक की बात सीधे और साफ़ कहते हैं। सावित्रीबाई ने जो आग जलाई, उसने आज भी लड़कियों को आगे बढ़ने का हौसला दिया है।
जवाब देंहटाएंसाकारात्मक टिप्पणी हेतु हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।💐♥️
हटाएंआपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद।
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