किसी की यादो को दिल में बसा लो यारो
थोड़ा सा अब तुम भी मुस्कुरा लो यारो
सनम की चाहतो को अपने दिल में बसाये
थोड़ा सा अब तुम,सपने सजा लो यारो
दिया हैं वो बुझ जायेगा तुफानो में भी
जो ना बुझे प्यार की लौ जला लो यारो
नादाँ थे यूँ नादाँ ही रहे अब उम्र भर
नादानी में जो रूठा हो मना लो यारो
जुबां को अपने शीरीं करके तो देखो
प्यार से बोलो सबसे,अब दुआ लो यारो
सोचते रहे सब भर उनकी बातों को हम
अब कोई तो हमे ख्वाबो से उठा लो यारो
ठोकरे खा कर भी वो नज़र से दूर ना हुआ
जिंदगी में गम बहुत हैं,हौसला बढ़ा लो यारो
मुद्दत हुई जिंदगी में "आकिब"दीदार हुए उनके
दुआओं से अपने "आकिब"उनको मना लो यारो
-आकिब जावेद
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