नफरतो के दौर में जरूरत है,
हमे अब एक गांधी की
इंसानियत को बचाने के लिए,
जरूरत है हमे एक गांधी की
टकराने को जुल्म की आंधियो से
जरूरत है हमे एक गांधी की
वो बंद हो रही किलकारियों को चहकाने के लिए,
जरूरत है हमे एक गांधी की
वो हो रहे नरसंहार को रोकने के लिए,
जरूरत है हमे एक गांधी की
तुफानो से साहिलों को टकराने के खातिर
जरूरत है हमे एक गांधी की
बताने को देश में फिर से, अहिंसा के विचारों को
जरूरत है हमे एक गांधी की।।
-आकिब जावेद

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