गर हम तुमसे #करीने से मिल लिए होते
हमें जिंदगी जीने का #करीना आ गया होता।
दुनिया ने जो असल चेहरा दिखाया हमे
करीना जीने का अब तक न आया हमे।
वसले जिंदगी में बस एक यही करीना है
यु तन्हा जीना है तन्हा मरना है।
आँखों ही आँखों से प्यार हो गया
बिन सोचे समझे ही तुमसे प्यार हो गया।
भंवरो का काम है मंडराना
कलिया कलिया जा कर रसपान कर आना।
मन का बोध कुछ हल्का हो जायेगा
आँशुओ का वजन कुछ ज्यादा तो नही।
गुफ़्तुगू खोलती है सारा राज मन के अंदर का
जो भी छिपा होता है राज मन के अंदर में।
थोड़ा पास आकर गुफ़्तुगू कर भी लिया करो
पास आकर हमसे थोड़ा मिल भी लिया करो।
हर दरवाज़े पर दस्तक होती नहीं है
हर गुफ़्तगू भी ख़ुद को ढोती नहीं है।
खामोशी लबो से मुस्कान छीन लेती है
खुद से खुद को ही छीन लेती है।
बस एक यही करीना रह गया है
तुमसे मिल कर साथ जीना रह गया हैं।
-आकिब जावेद

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