तू रात भर चैन से सो सके
बेचैन होके मैं जागता रहा
सारे दर्द ही छिपाता रहा हूँ
उम्र भर रास्ता ताकता रहा
Tu Rat Bhar Chain se so sake
Bechain Hoke May jagta Raha
Sare Dard Hi Chhupata Rha hu
Umra Bhar Rasta Takta Raha
-akib javed
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