ख़ुदा ने अपनी शान दिखाई
डूबी कस्ती किनारे लगाई।।
लहरो में फंसा था सफ़ीना
ख़ुदा ने करामत दिखाई।।
सब रूपो में तू ही समाया
इंसानियत की करता भलाई।।
हर रूह में है यूँ साया तेरा
दुनिया से तू मिटाता बुराई
दुनियावी में लगे रहे हमेशा
लेकिन तेरी याद तो आई।।
दिल रोये मन मुस्काये
ये पीड़ा बड़ी दुखदाई।।
नूर तर हुआ जो नूर से
ख़ुदा ने यूँ शान फरमाई।।
-आकिब जावेद
17/01/2018
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