मुक्तक

गूँज उठेगी धरती सारी अब जयहिंद के नारों से।
काँप उठेंगे दुश्मन सारे अब सैनिक के इशारो से।।
भुजा में ताकत,मुस्कान लिए ना डरते कटारों से।।।             देश की आन बान को हरदम तैयार रहते वारो से।।



-आकिब जावेद


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