मन में जो आया वो कह दिया
दिल का हाल सुनाया गज़ल हो गई
सर्द रातो में जो जागे थे कल
बीमारी का हाल सुनाया ग़ज़ल हो गई
यु बकरे का मिंमिनाना जो सुन लिया
हाल खैरियत का बताना ग़ज़ल हो गई
मच्छर का पास मेरे आकर
यु गालो में भिंभिनाना ग़ज़ल हो गई
खो कर तेरी याद में
यु महफ़िल में गुनगुनाना ग़ज़ल हो गई।।
-आकिब जावेद

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