डायरी के पन्नों से - नवारंभ उत्सव कार्यक्रम

📖 डायरी के पन्नों में एक यादगार दिन…

आज का दिन मेरे जीवन के उन खास पलों में शामिल हो गया, जिन्हें मैं हमेशा संजोकर रखना चाहूँगा। प्राथमिक विद्यालय उमरेहड़ा में बालवाटिका नवारम्भ एवं वार्षिक उत्सव का आयोजन हुआ, और पूरा विद्यालय मानो खुशियों से महक उठा।

सुबह से ही नन्हे-मुन्ने बच्चों की चहल-पहल, उनकी मासूम मुस्कान और अभिभावकों का उत्साह, वातावरण को एक अलग ही ऊर्जा दे रहा था। 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों का विद्यालय में स्वागत करते हुए ऐसा महसूस हुआ जैसे उनके जीवन की एक नई, सुंदर यात्रा की शुरुआत हो रही हो। जब छोटे-छोटे बच्चे रेत पर अक्षर बनाते दिखे, तो लगा कि शिक्षा की असली नींव कितनी सहज और आनंदमयी हो सकती है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों ने जिस आत्मविश्वास और खुशी के साथ अपनी प्रस्तुति दी, वह दिल को छू गया। हर बच्चा अपने आप में एक नई संभावना, एक नई कहानी लेकर आया था।

इसके साथ ही कक्षा 5 के बच्चों की विदाई का क्षण थोड़ा भावुक कर गया। इन बच्चों को बढ़ते हुए, सीखते हुए देखा है, और आज उन्हें आगे की यात्रा के लिए विदा करना गर्व और भावुकता- दोनों का संगम था। पूनम, आयुष और चंचल को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित करते हुए बहुत खुशी हुई। सभी बच्चों को दिए गए छोटे-छोटे पुरस्कार उनके चेहरे पर बड़ी मुस्कान लेकर आए।

मुख्य अतिथि श्री रामनरेश सिंह जी द्वारा बच्चों को प्रोत्साहन राशि देना और उनके शब्दों से बच्चों का उत्साह बढ़ाना इस कार्यक्रम की खास बात रही। वहीं थाना बिसंडा से सौरभ कुमार जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और गरिमा प्रदान की।

कार्यक्रम का संचालन, सहयोगी शिक्षकों का समर्पण, और अभिभावकों की भागीदारी- इन सबने मिलकर इस आयोजन को सफल ही नहीं, बल्कि यादगार बना दिया।

आज का दिन यह एहसास करवा गया कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि सपनों की पहली उड़ान का मंच होता है।बच्चो को भोजन में विशेष छोले की सब्जी,सेंवई ,पूड़ी की विशेष व्यस्था की गई। बच्चों ने आज छक भर भोजन किया।आज का दिन खुशियों से भरा रहा।बच्चो के उज्जवल भविष्य की कामना की गई।नन्हे कदमों से शुरू हुई यह यात्रा आगे चलकर बड़े मुकाम तक पहुँचे यही कामना है।

—डॉ.आकिब जावेद

25 मार्च 2026




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