आज की शायरी

1 -  शे'र

मुहब्बत कभी तुम किए ही नही हो,
तभी  जानते  ही  नही  हो मुहब्बत।

محبت کبھی تم کئے ہی نہیں ہو
تبھی جانت ہی نہیں ہو محبت.

आकिब जावेद

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2- शे' र

मुहब्बत कभी तुमने की ही नहीं है

तभी तो मुहब्बत नहीं जानते हो।

आकिब जावेद 

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4 टिप्पणियाँ

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