अंग्रेजों की अति ने
मजबूर किया उन नौजवानों को
जो अखंड भारत को आजाद देखना चाहते थे
भारत की अस्मिता को खंड खंड करने में तुले
उन अंग्रेजों को ये आभास नहीं था
नौजवानों के अंदर उबल रहा खून
कब उनके लिए नासूर बन जायेगा
आखिर वही हुआ
लूट लिया अपना ही मॉल
उन नौजवानो ने
जो ले जा रहे थे अंग्रेज
मिलकर ले लिया बदला कर दिया खंड खंड उनको।
उस एक घटना ने कर दिया अमर काकोरी को
जो कभी वीराने में गुम था।
अमर है इतिहास के पन्नों में
अशफ़ाक उल्ला खान,राम प्रसाद बिस्मिल
ठाकुर रोशन सिंह,चंद्रशेखर आजाद
राजेंद्र लाहिड़ी की वीरता के साथ - साथ काकोरी।
आकिब जावेद
जय हिंद जय भारत
फोटो साभार : काकोरी एक्शन डे के शताब्दी दिवस के अवसर पर विद्यालय में आयोजित प्रतियोगिता में चयनित पोस्टर

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