शे' र
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बारिश के हर मंज़र प्यारे होते हैं, फिर
उस बेवा की कुटिया में पानी गिरता है।
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आकिब जावेद
शे' र
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बारिश के हर मंज़र प्यारे होते हैं, फिर
उस बेवा की कुटिया में पानी गिरता है।
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आकिब जावेद
"सपने वो नहीं जो नींद में देंखें,सपने वो हैं जो आपको नींद न आने दें - ए० पी०जे०अब्दुल कलाम "
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