आज का मुक्तक आवाज़ सुख़न ए अदब की ज़ानिब से - ज़िंदगी पे भरोसा कर के हम

ज़िंदगी  पे  भरोसा  कर  के  हम
ग़म उठा लिए है दुनिया भर के हम

मुद्दतों  से  जिये  जा  रहे  हम भी 
रास्ते को देख ले थोड़ा ठहर के हम

- आकिब जावेद 

एक टिप्पणी भेजें

1 टिप्पणियाँ

आपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद।
“आवाज़ सुखन ए अदब” परिवार में आपका स्वागत और सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है।
आपका साथ ही साहित्यिक यात्रा को और सुंदर बनाता है।
इसी तरह अपना प्रेम और मार्गदर्शन बनाए रखें। 🌹