चर्चामंच पर आपकी रचना का लिंक विस्तारिक पाठक वर्ग तक पहुँचाने के उद्देश्य से सम्मिलित किया गया है ताकि साहित्य रसिक पाठकों को अनेक विकल्प मिल सकें तथा साहित्य-सृजन के विभिन्न आयामों से वे सूचित हो सकें।
यदि हमारे द्वारा किए गए इस प्रयास से आपको कोई आपत्ति है तो कृपया संबंधित प्रस्तुति के अंक में अपनी टिप्पणी के ज़रिये या हमारे ब्लॉग पर प्रदर्शित संपर्क फ़ॉर्म के माध्यम से हमें सूचित कीजिएगा ताकि आपकी रचना का लिंक प्रस्तुति से विलोपित किया जा सके।
आपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद। “आवाज़ सुखन ए अदब” परिवार में आपका स्वागत और सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है। आपका साथ ही साहित्यिक यात्रा को और सुंदर बनाता है। इसी तरह अपना प्रेम और मार्गदर्शन बनाए रखें। 🌹
डॉ. आकिब जावेद समकालीन हिंदी-उर्दू साहित्य जगत के सक्रिय कवि, ग़ज़लकार, लेखक, ब्लॉगर एवं शिक्षाविद हैं। आप बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं तथा “आवाज़ सुखन ए अदब” साहित्यिक संस्था के संस्थापक हैं। बीसीए, एमए इतिहास, एमए शिक्षा शास्त्र, बीटीसी, यूपीटीईटी, सीटीईटी एवं विद्या वाचस्पति मानद पीएचडी उपाधि से शिक्षित डॉ. जावेद शिक्षा और साहित्य दोनों क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय हैं। आपकी रचनाएँ रेख़्ता, कविता कोश, प्रतिलिपि, स्टोरी मिरर, कविशाला एवं पाकिस्तान की प्रसिद्ध वेबसाइट उर्दू प्वाइंट सहित अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हैं। आपकी प्रमुख कृतियों में “ख़्वाबों के दरम्यां”, “कोरे अक्षर”, “नज़र” एवं बाल काव्य संग्रह “हाथी को भी चित कर देती” शामिल हैं। साहित्य, शिक्षा और सामाजिक चेतना को समर्पित आपकी लेखनी संवेदनशीलता एवं मानवीय मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति मानी जाती है।
2 टिप्पणियाँ
नमस्ते,
जवाब देंहटाएंआपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा शुक्रवार (05 -11-2021 ) को 'अपने उत्पादन से अपना, दामन खुशियों से भर लें' (चर्चा अंक 4238) पर भी होगी। आप भी सादर आमंत्रित है। रात्रि 12:01 AM के बाद प्रस्तुति ब्लॉग 'चर्चामंच' पर उपलब्ध होगी।
चर्चामंच पर आपकी रचना का लिंक विस्तारिक पाठक वर्ग तक पहुँचाने के उद्देश्य से सम्मिलित किया गया है ताकि साहित्य रसिक पाठकों को अनेक विकल्प मिल सकें तथा साहित्य-सृजन के विभिन्न आयामों से वे सूचित हो सकें।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
#रवीन्द्र_सिंह_यादव
बहुत बहुत धन्यवाद
हटाएंआपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद।
“आवाज़ सुखन ए अदब” परिवार में आपका स्वागत और सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है।
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इसी तरह अपना प्रेम और मार्गदर्शन बनाए रखें। 🌹