बाल कविता : बादल


उमड़ घुमड़ कर आते बादल
सबका दिल दहलाते बादल
       छोटू अपने घर में बैठा दुबका
       डराते है उसको काले बादल

एक परी रहती है उसके पास
छोटू को  लगी है उससे आस
       परी बादल को दूर भगाएगी
       छोटू जायेगा मम्मी के पास

छोटू  लड्डू, पेड़ा, बर्फी है खाता
खेल - कूद  ही यूं छोटू को भाता
छोटू  भी है सब बच्चों को प्यारा
पढ़ाई में अच्छे नम्बर छोटू लाता


-आकिब जावेद
बाँदा,उत्तर प्रदेश

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