पर्यावरण दिवस पर हाइकु रचना

कटते वन
बढ़ते जाते जन
है उपवन

कृत्रिम पौधें
वर्षा होती कृत्रिम
पर्यावरण

है धुँआ धुँआ
काला आसमान है
बदरी छाई

असंतुलन
अनेक बीमारी है
पर्यावरण

-आकिब जावेद
#haiku #PoetryForNature
#WorldEnvironmentDay #पर्यावरण_दिवस

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2 टिप्पणियाँ

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