किसी दिन आकर
वो कह दे मुस्कुरा कर
"आज का सारा दिन, बस तुम्हारा !!"
ऊफ़्फ़्फ़्फ़
हर लफ़्ज़ पर झुका कर नज़र
यक़ीन कर लूँ
पहले से ज़्यादा
इतना ही नहीं
उन तमाम रातों के सूने ख्वाबों पर
आज एक रात की मोहर लगा दूँ
मैं तुम्हारे पहलू में रह कर !!
©AJ
किसी दिन आकर
वो कह दे मुस्कुरा कर
"आज का सारा दिन, बस तुम्हारा !!"
ऊफ़्फ़्फ़्फ़
हर लफ़्ज़ पर झुका कर नज़र
यक़ीन कर लूँ
पहले से ज़्यादा
इतना ही नहीं
उन तमाम रातों के सूने ख्वाबों पर
आज एक रात की मोहर लगा दूँ
मैं तुम्हारे पहलू में रह कर !!
©AJ
"सपने वो नहीं जो नींद में देंखें,सपने वो हैं जो आपको नींद न आने दें - ए० पी०जे०अब्दुल कलाम "
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1 टिप्पणियाँ
वाह
जवाब देंहटाएंगज़ब के अहसास।
मेरी नई पोस्ट पर आपका स्वागत है 👉👉 लोग बोले है बुरा लगता है
आपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद।
“आवाज़ सुखन ए अदब” परिवार में आपका स्वागत और सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है।
आपका साथ ही साहित्यिक यात्रा को और सुंदर बनाता है।
इसी तरह अपना प्रेम और मार्गदर्शन बनाए रखें। 🌹