मुमकिन है कि तुम हमें भूल जाओ,लेकिन
याद करने की अदा को तुम याद करोगी
साहिल की रेत पर लिखा था जो नाम तुमने
लहरों से दूर रहने की तुम फरियाद करोगी
✍️आकिब जावेद✍️
मुमकिन है कि तुम हमें भूल जाओ,लेकिन
याद करने की अदा को तुम याद करोगी
साहिल की रेत पर लिखा था जो नाम तुमने
लहरों से दूर रहने की तुम फरियाद करोगी
✍️आकिब जावेद✍️
"सपने वो नहीं जो नींद में देंखें,सपने वो हैं जो आपको नींद न आने दें - ए० पी०जे०अब्दुल कलाम "
Copyright (c) 2021 Awaj E Sukhan E Adab All Right Reseved
0 टिप्पणियाँ
आपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद।
“आवाज़ सुखन ए अदब” परिवार में आपका स्वागत और सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है।
आपका साथ ही साहित्यिक यात्रा को और सुंदर बनाता है।
इसी तरह अपना प्रेम और मार्गदर्शन बनाए रखें। 🌹