तू अब मेरा नसीब हो जाता
मैं अब तेरा नसीब हो जाता।
बेक़रारी है दिल में अज़ीब
अब वो मेरा हबीब हो जाता।
उल्फ़त का सबब हमने पाया
अब दिल का रक़ीब हो जाता।
यूँ लापता है कोई दिल में मेरे
काश दिल के करीब हो जाता।
दिल के गुलिस्तां पे दस्तक देते
मैं यूँ अब तेरा हबीब हो जाता।
ख़ामोशी लफ़्ज़ों को बंया करती
आकिब"दिल का ताकीब हो जाता।
-आकिब जावेद
तकीब--वैध/डॉक्टर
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