जिसने हमको जन्म दिया,
वो हैं प्यारी माँ!
जिसने हमको पाला-पोसा
वो हैं हमारे पिता!
दोनों ने मिलकर सँवारा,
मेरा ये प्यारा जँहा!
हमको उनकी सेवा करना सदा,
ना दिल दुःखे उनका यदा कदा!
बचपन में हर एक ख्वाइश पूरी क़ी
अब उनकी बात तुम मानना सदा!
सुनो तुम,
खुद भूखे रहकर तुम्हे खाना खिलाया
फाका सहकर तुम्हे पढ़ाया लिखाया!
मत भूलजाना उनके त्याग को तुम,
देना चेहरे में उनकी हमेशा मुश्कान तुम!
तुम्हारे लिए सब कुछ अपना वार दिया,
वो माँ ही थी,
जिसने चोट लगने पर अपना कलेजा हार दिया!
हमेशा देना उनको खुशी तुम,
और ये भी देना ध्यान तुम,
छोटी छोटी बात ना कोई अब छूटने पाये
उनके चेहरे से कभी अब मुश्कान ना जाये!!
-आकिब जावेद

0 टिप्पणियाँ
Thanks For Visit My Blog.