कम्बख्त कुछ कमी सी हैं जिंदगी में
बहुत कुछ सोचा पर कुछ मिला नही।
बचपन में पढ़ते,खेलते,गिरते सम्भलते
बहुत कुछ सोचा पर कुछ मिला नही।
खैर बचपन के वो सपने सपने ही होते हैं
मिला नही तो क्या,फिर भी कुछ गिला नही।
जिंदगी में जूझते,गिरते,फिरते,लड़ते झगड़ते तो क्या
जिंदगी से बहुत कुछ सीखा लेकिन कुछ मिला नही।
संघर्ष करना सीखा हमेशा,कठिनाइयों से डरना नही
माँ-बाप से यह धरोहर मिला,सिवाए इसके कुछ मिला नही।
गरीबी में जियें खूब मेहनत कियें,फिर भी गम नही
मेहनत करके माँ बाप ने पढ़ाया,उन्हें कुछ गिला नही।
हमेशा जिंदगी में अब कुछ ना कुछ सीखते रहना हैं
जिसने सब कुछ सीख लिया हो ऐसा कोई मिला नही।
कम्बख्त कुछ कमी सी हैं जिंदगी में
बहुत कुछ सोचा पर कुछ मिला नही।।
#आकिब जावेद

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