रात का समय था, वही घड़ी में 11 बजने वाले थे,गम में डूबा हुआ,अरे भारत उस दिन विश्वकप में हार गया था।
फेसबुक में अपडेट करके फीलिंग सैड, सोने के मूड में,अब सो ही जाया जाए,आज तो पूरा मूड खराब हो गया है,सोचता हुआ फिर सो जाता है।
अपने कमरे में गहन मुद्रा में सोते हुए हिमांशु गहरी नींद में था,सभी उलझनों से मुक्त लेकिन भारत की हार से हताश वह सोता रहता हैं।
अचानक गहरी रात में घड़ी में वही 3 से 3:15 हुआ होगा,तभी अचानक उसके कमरे में घर वालो की आवाज सुनाई पड़ती है।
हिमांशु अपनी गहरी नींद में सो रहा था,बेखबर सा बेसुध बिना किसी परवाह के।
क्या!क्याहुआ !एकदम से हिमांशु अपने बिस्तर में उठ कर चौक जाता है, जैसे किसी ने उसके ऊपर कोई प्रहार सा कर दिया हो।लेकिन किसी को गहरी नींद से उठने में जो सबसे ज्यादा तकलीफ होती है, उसे ही पता होता है।क्या हुआ!कोई मुझे बतायेगा भी!ऐसा हिमांशु अपनी छोटी बहन से पूछता है!
भैया जल्दी चलो आग लगी है!
छोटी कंहा?
बताओ जल्दी मुझे हड़बड़ी में हिमांशु अपनी बहन से पूछता हुआ बढ़ता है।
हिमांशु की बहन बताती है कि बगल में अपने घर में आग लगी भैया जल्दी चलो!
हिमांशु भागते भागते जाता है!
काली रात और घर पर आग!कुछ सोच में भी नही आ रहा था,की आखिर क्या करे!क्या ना करे!
हिमांशु जा कर घर में घुसने की कोसिस करता है!
लेकिन नाकाम रहता हैं, उसे तुरंत पकड़ लेते है।
पदोस के ही एक व्यक्ति पानी डालने लगते है, हिमांशु भी पानी डालने लगता हैं।और थोड़ा देखने पर देखता है कि कोई वहा लेटा होता है, और वह उस आग में झुलस जाता है,जिससे उसकी वही म्रत्यु हो जाटी हैं,
यह सब देखकर वह बहुत घबरा जाता है, वह उस व्यक्ति को इस हालत में देखकर अंदर से हिल जाता हैं और डर जाता हैं!
उसका यह डर उसको अंदर तक जिंझोड़ देता हैं, पूरी रात वह सो नहीं पता!पूरी रात अब उसको वह मंजर बार बार याद आते की व्यक्ति का क्या कोई भरोसा है?
किसके साथ में कब क्या हो जाये?
ये जो नश्वर शरीर पर हम इतना घमण्ड करते हैं!
हम इतना अकड़ कर चलते हैं!ये सब कितने दिनों के मेहमान है!कितने दिनों के साथी हैं!
हम सब यह कंयू भूल जाते हैं कि हमारे साथ भी ऐसा ही हादसा कब ना हो जाये!
फिर हम यह सब भूलकर,भौतिक सुख-सुविधा में लीन रहते है!
कुछ कार्य कंयू नही करते है!लोगो की मदद नही करते है!
हिमांशु का वह डर अब भी उसके मन में भर चूका है!और वह हमेशा अपनी मृत्यु को याद करता रहता हैं!वह अनहोनी और डर से अपना जीवन उसने सुधार लिया है!
और आपने?
सोचियेगा कुछ देर और खुद को जवाब दीजियेगा।
धन्यवाद आप अपना बहुमूल्य समय देने के लिए।
लेखक
आकिब जावेद,बिसँडा

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