दिल में अभी तल्ख़ी-ए-अय्याम बहुत है
लब पर मगर एहसास का पैग़ाम बहुत है
हम ख़ाक हुए फिर भी शिकस्ता न हुए हैं
इस दिल में अभी हौसला-ए-जाम बहुत है
डॉ.आकिब जावेद
"सपने वो नहीं जो नींद में देंखें,सपने वो हैं जो आपको नींद न आने दें - ए० पी०जे०अब्दुल कलाम "
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