अमावस्या सा अँधकार,
उर में है व्याप्त,
पूर्णिमा सी चांदनी,
जीवन में
खुशियां ले के आई।
-आकिब जावेद
"सपने वो नहीं जो नींद में देंखें,सपने वो हैं जो आपको नींद न आने दें - ए० पी०जे०अब्दुल कलाम "
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