हिंदी भाव भूमि द्वारा प्रकाशित त्रिमासिक ई पत्रिका महफ़िल- ए-ग़ज़ल में प्रकाशित ग़ज़ल आप सभी के मुहब्बतों के हवाले से🌹उस्ताद शायरों एवं देश के बेहतरीन ग़ज़लकारों के बीच एक अदना से क़लमकार की रचना प्रकाशन हेतु आदरणीया अंशु विनोद गुप्ता जी एवं आदरणीय राजेन्द्र चौहान जी का बहुत शुक्रिया💐💐
आपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद। “आवाज़ सुखन ए अदब” परिवार में आपका स्वागत और सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है। आपका साथ ही साहित्यिक यात्रा को और सुंदर बनाता है। इसी तरह अपना प्रेम और मार्गदर्शन बनाए रखें। 🌹
डॉ. आकिब जावेद समकालीन हिंदी-उर्दू साहित्य जगत के सक्रिय कवि, ग़ज़लकार, लेखक, ब्लॉगर एवं शिक्षाविद हैं। आप बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं तथा “आवाज़ सुखन ए अदब” साहित्यिक संस्था के संस्थापक हैं। बीसीए, एमए इतिहास, एमए शिक्षा शास्त्र, बीटीसी, यूपीटीईटी, सीटीईटी एवं विद्या वाचस्पति मानद पीएचडी उपाधि से शिक्षित डॉ. जावेद शिक्षा और साहित्य दोनों क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय हैं। आपकी रचनाएँ रेख़्ता, कविता कोश, प्रतिलिपि, स्टोरी मिरर, कविशाला एवं पाकिस्तान की प्रसिद्ध वेबसाइट उर्दू प्वाइंट सहित अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हैं। आपकी प्रमुख कृतियों में “ख़्वाबों के दरम्यां”, “कोरे अक्षर”, “नज़र” एवं बाल काव्य संग्रह “हाथी को भी चित कर देती” शामिल हैं। साहित्य, शिक्षा और सामाजिक चेतना को समर्पित आपकी लेखनी संवेदनशीलता एवं मानवीय मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति मानी जाती है।
4 टिप्पणियाँ
वाह वाह.... बहुत ही खूबसूरत तरीके से अल्फाज़ो मे दिल का हाल बयान कर दिया
जवाब देंहटाएंमुहब्बतों के लिए बहुत शुक्रिया सर
हटाएंबहुत उम्दा👍
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत शुक्रिया आपका मैंम
हटाएंआपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद।
“आवाज़ सुखन ए अदब” परिवार में आपका स्वागत और सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है।
आपका साथ ही साहित्यिक यात्रा को और सुंदर बनाता है।
इसी तरह अपना प्रेम और मार्गदर्शन बनाए रखें। 🌹