चल रही सर्द वादियों में भी गर्म हवाएं
सियासतदाँ की कोई महबूबा नही होती।
कभी-कभी रहता हैं #कुर्सी का गाँठ जोड़
कुर्सी किसी एक की महबूबा नही होती..!!
~आकिब जावेद @rockonakib
#Kursi #Shair
"सपने वो नहीं जो नींद में देंखें,सपने वो हैं जो आपको नींद न आने दें - ए० पी०जे०अब्दुल कलाम "
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12 टिप्पणियाँ
बहुत सुंदर 👏
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत शुक्रिया मैंम
हटाएंबहुतखूब आकिब जी👌👌
हटाएंबहुत बहुत शुक्रिया जी
हटाएंबहुत सुंदर
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत शुक्रिया मैंम
हटाएंइस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
जवाब देंहटाएंआभार, लेकिन निर्वाचन से सम्बंधित पोस्ट दूसरी है सर
हटाएंबेमिसाल निर्वाचन जागरूकता सम्बंधी लेख संदेश
जवाब देंहटाएं❤️❤️🌹
हटाएंबहुत बढ़िया सुन्दर लेख लाजवाब
जवाब देंहटाएंदोनों पोस्टों की कंफ्यूजन में इधर
उधर हो गया !
बहुत शुक्रिया मोहब्बतों के लिए।कोई बात नही सर स्नेह बनाए रखिए
हटाएंआपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद।
“आवाज़ सुखन ए अदब” परिवार में आपका स्वागत और सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है।
आपका साथ ही साहित्यिक यात्रा को और सुंदर बनाता है।
इसी तरह अपना प्रेम और मार्गदर्शन बनाए रखें। 🌹