आँधिया नफ़रतों की यहाँ चल रही,
मैं मुहब्ब्त यहाँ बांटता रह गया
آندھیاں نفرتوں کی یہاں چل رہی
میں محبت یہاں بانٹتا رہ گیا
✍️आकिब जावेद@ عاقب جاوید
"सपने वो नहीं जो नींद में देंखें,सपने वो हैं जो आपको नींद न आने दें - ए० पी०जे०अब्दुल कलाम "
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4 टिप्पणियाँ
वाह वाह
जवाब देंहटाएंबहुत शुक्रिया जी
हटाएंlonely lines
जवाब देंहटाएंबहुत शुक्रिया जी
हटाएंआपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद।
“आवाज़ सुखन ए अदब” परिवार में आपका स्वागत और सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है।
आपका साथ ही साहित्यिक यात्रा को और सुंदर बनाता है।
इसी तरह अपना प्रेम और मार्गदर्शन बनाए रखें। 🌹