#ग़ज़ल
मेरे तुम दिल के अन्दर देख लेना।
कभी तुम भी तो अम्बर देख लेना।।
ख़ुदा तूफाँ यूं लाने से ही पहले।
मेरे घर का भी छप्पर देख लेना।।
मेरे दिल से जबसे हुए जुदा वो।
इन्हीं आँखों में पत्थर देख लेना।।
गिरेंगे चाहने वाले भी तेरे।
कभी ज़ुल्फें हटाकर देख लेना।।
गज़ब का ही सुकूँ हैं मोहब्बत में।
कभी तुम दिल लगाकर देख लेना।।
-आकिब जावेद
1 टिप्पणियाँ
बेहतरीन ग़ज़ल।
जवाब देंहटाएंआपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद।
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