मत रखो भेद अपने दिलों में यहाँ
भाई-चारे को अपने यूं मिटने न दो
-आकिब जावेद
मत रखो भेद अपने दिलों में यहाँ
भाई-चारे को अपने यूं मिटने न दो
-आकिब जावेद
"सपने वो नहीं जो नींद में देंखें,सपने वो हैं जो आपको नींद न आने दें - ए० पी०जे०अब्दुल कलाम "
Copyright (c) 2021 Awaj E Sukhan E Adab All Right Reseved
2 टिप्पणियाँ
आप बिना घुमाए बता देते हैं कि असली लड़ाई बाहर नहीं, हमारे दिलों के भीतर चलती है। भेद हम खुद पालते हैं और फिर भाईचारे के टूटने पर हैरान होते हैं। आपकी बात उपदेश नहीं लगती, बल्कि दोस्त की सधी हुई सलाह जैसी लगती है। आज के समय में, जब छोटी-छोटी बातों पर दीवारें खड़ी हो जाती हैं, यह संदेश और भी ज़रूरी बन जाता है।
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत शुक्रिया आपका
हटाएंआपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद।
“आवाज़ सुखन ए अदब” परिवार में आपका स्वागत और सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है।
आपका साथ ही साहित्यिक यात्रा को और सुंदर बनाता है।
इसी तरह अपना प्रेम और मार्गदर्शन बनाए रखें। 🌹