घर पे बैठा तोता राम
बाते बड़ी बनाता था
टे टे करके खूब मुन्ना को चिढ़ाता था
मुन्ना कंही भी जाता था
खूब आगे पीछे आता था
हरा हरा तोता था
खूब पिंजड़े में सोता था
मुन्ना को देखकर
पिंजड़े में आगे पीछे आता था
देखो
हरी मिर्च,टमाटर खूब खाता था
अपने ही मन में खूब बड़बड़ाता था
हरा हरा तोता था
खूब पिंजड़े में सोता था!!
®आकिब जावेद

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