बच्चे हैं ये

ऊँची खुद,नीची कूद
उछल कूद खूब करते हैं

छोटे छोटे बच्चे हैं
कँहा किसी की सुनते हैं

मन मौजी चंचल होते
जो मन करता वो करते हैं

मना करो फिर भी कँहा
मानते
खूब शैतानी करते हैं

बच्चे हैं
ये हमेशा
मन की अपने करते हैं!!

~आकिब जावेद

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ