आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (15-01-2020) को "मैं भारत हूँ" (चर्चा अंक - 3581) पर भी होगी। -- सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। -- मकर संक्रान्ति की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ। सादर...! डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
आपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद। “आवाज़ सुखन ए अदब” परिवार में आपका स्वागत और सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है। आपका साथ ही साहित्यिक यात्रा को और सुंदर बनाता है। इसी तरह अपना प्रेम और मार्गदर्शन बनाए रखें। 🌹
डॉ. आकिब जावेद समकालीन हिंदी-उर्दू साहित्य जगत के सक्रिय कवि, ग़ज़लकार, लेखक, ब्लॉगर एवं शिक्षाविद हैं। आप बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं तथा “आवाज़ सुखन ए अदब” साहित्यिक संस्था के संस्थापक हैं। बीसीए, एमए इतिहास, एमए शिक्षा शास्त्र, बीटीसी, यूपीटीईटी, सीटीईटी एवं विद्या वाचस्पति मानद पीएचडी उपाधि से शिक्षित डॉ. जावेद शिक्षा और साहित्य दोनों क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय हैं। आपकी रचनाएँ रेख़्ता, कविता कोश, प्रतिलिपि, स्टोरी मिरर, कविशाला एवं पाकिस्तान की प्रसिद्ध वेबसाइट उर्दू प्वाइंट सहित अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हैं। आपकी प्रमुख कृतियों में “ख़्वाबों के दरम्यां”, “कोरे अक्षर”, “नज़र” एवं बाल काव्य संग्रह “हाथी को भी चित कर देती” शामिल हैं। साहित्य, शिक्षा और सामाजिक चेतना को समर्पित आपकी लेखनी संवेदनशीलता एवं मानवीय मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति मानी जाती है।
2 टिप्पणियाँ
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (15-01-2020) को "मैं भारत हूँ" (चर्चा अंक - 3581) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
मकर संक्रान्ति की
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
बहुत सुंदर
जवाब देंहटाएंआपके स्नेहपूर्ण शब्दों और बहुमूल्य टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद।
“आवाज़ सुखन ए अदब” परिवार में आपका स्वागत और सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है।
आपका साथ ही साहित्यिक यात्रा को और सुंदर बनाता है।
इसी तरह अपना प्रेम और मार्गदर्शन बनाए रखें। 🌹